वैश्वीकरण राष्ट्र प्रेम एवं स्वदेश की भावना को आघात पहुँचा रहा है। लोग विदेशी वस्तुओं का उपभोग करना शान समझते है एवं देशी वस्तुओं को घटिया एवं तिरस्कार योग समझते हैं। Draw the bath: Fill a stylishy embellished bathtub with warm h2o mixed with rose petals, critical oils, and himalayan https://lorenzs641kqw6.blogpayz.com/profile